रंग-बिरंगी तितलियों और फूलों के सुंदर बगीचे की एक प्यारी कहानी, जो बच्चों को सिखाती है कि असली सुंदरता अच्छे दिल और मदद करने में होती है।
एक गाँव के किनारे बहुत ही सुंदर फूलों का बगीचा था। उस बगीचे में हर रंग के फूल खिले रहते थे—लाल, पीले, नीले, गुलाबी और बैंगनी। उन्हीं फूलों के बीच रहती थीं ढेर सारी रंग-बिरंगी तितलियाँ। कोई नीली चमकदार थी, कोई पीली धूप जैसी, तो कोई इंद्रधनुष के सारे रंग समेटे हुए।
तितलियाँ रोज़ सुबह उड़तीं, फूलों से रस लेतीं और पूरे बगीचे को खुशियों से भर देतीं।
लेकिन एक दिन बगीचे में रहने वाली एक छोटी तितली “मीरा” उदास थी। उसे लगता था कि उसके पंख उतने सुंदर नहीं हैं जितने बाकी तितलियों के। वह बोली— “सब मुझसे ज़्यादा सुंदर हैं, मैं तो साधारण हूँ।”
यह सुनकर पास ही खिला एक बूढ़ा गुलाब मुस्कराया और बोला, “बेटी, सुंदरता सिर्फ रंगों में नहीं होती, काम और स्वभाव में भी होती है।”
मीरा को बात समझ नहीं आई।
अगले दिन तेज़ हवा चली। कई फूल हिलने लगे। कुछ तितलियाँ डरकर छिप गईं। तभी मीरा आगे बढ़ी और अपने छोटे पंखों से फूलों पर जमी धूल हटाने लगी ताकि वे टूटें नहीं। वह लगातार सबकी मदद करती रही।
धीरे-धीरे पूरा बगीचा फिर मुस्कराने लगा।
तभी सूरज की किरणें मीरा के पंखों पर पड़ीं और सबने देखा
उसके साधारण से पंखों में अनोखी चमक आ गई थी, जैसे सोने की रेखाएँ उभर आई हों।
बाकी तितलियाँ बोलीं, “आज हमें समझ आया, असली सुंदरता मदद करने और अच्छा दिल रखने से आती है।”
मीरा मुस्करा दी।
उस दिन से बगीचे में एक नियम बन गया— हर तितली एक-दूसरे की मदद करेगी, कोई किसी से खुद की तुलना नहीं करेगा।
और वह फूलों का बगीचा सिर्फ सुंदर ही नहीं,
बल्कि प्यार, सीख और खुशी का बगीचा बन गया 曆
सीख:
#हर किसी की अपनी खासियत होती है।
#दूसरों से तुलना करने के बजाय अच्छा काम करना ही असली सुंदरता है।
#मिलकर रहने से दुनिया और भी रंगीन बनती है।
Discover more from The Raghav Verse
Subscribe to get the latest posts sent to your email.